Wednesday, July 17, 2019

जीपीएस (GPS) क्या है तथा इसकी सहायता से हम लोकेशन (Location) कैसे पता करते हैं


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नमस्कार दोस्तों ! आज हम आपके लिए एक बहुत ही रोचक जानकारी लेकर आए हैं इसलिए इस लेख को आप पूरा जरूर पढना और हाँ पढने के बाद अपनी राय कॉमेंट्स के रूप में अवस्य देना. जिससे हमें ढेर सारा प्रोत्साहन मिलेगा और हम आपके लिए ढेर सारी रोचक जानकारी लेकर आते रहेंगे. तो चलिए शुरू करते हैं;-
आप सभी कभी न कभी अपने स्मार्ट फ़ोन में मौजूद गूगल मैप्स की मदत से किसी स्थान जैसे की स्कूल या फिर कोई हॉस्पिटल या फिर किसी अन्य स्थान की लोकेशन(LOCATION) खोजकर अवस्य ही बड़ी सरलता से पहुँच गए होंगे. इस कार्य में आपको किसी की मदत भी नहीं लेनी पड़ी होगी. किन्तु क्या आपने कभी सोचा है की यह तकनीक आखिर काम कैसे करती है ? यदि आपको नहीं पता है तो चलिए आज मैं आपको विस्तार पूर्वक बताने का प्रयास करता हूँ की यह तकनीक काम कैसे करती है-

इस तकनीक में सबसे मुख्य भूमिका निभाता है जीपीएस (Global Positioning System) जो की एक उपग्रह नेविगेशन प्रणाली है तथा इसका उपयोग किसी विशेष स्थान तक पहुंचने के लिए सटीक स्थान, वेग और समय जानने के लिए किया जाता है. जीपीएस का सर्वप्रथम उपयोग संयुक्त राज्य के रक्षा विभाग द्वारा सन 1960  में किया गया. उस समय इस तकनीक का उपयोग सैनिकों और सैन्य वाहनों की सहायता के लिए किया जाता था. सन 1995 में यह पूरी तरह से ग्लोबल हुआ तथा आम नागरिकों को इसके उपयोग की अनुमति साल 1980 में मिली.

जीपीएस (Global Positioning System) क्या है:-


जीपीएस लगभग 24 सेटेलाईटों का एक समूह होता है जो कि प्रत्येक मौसम में तथा दिन और रात एक समान कार्य करता है. यह सिस्टम मुख्य रूप से सौर्य उर्जा द्वारा संचालित होता है किन्तु ख़राब मौसम के समय जब सौर्य ऊर्जा उपलब्ध नहीं होती है तो इसमें लगी बैकअप बैटरियों का यह स्वतः ही उपयोग करने लगता है और इस तरह यह सिस्टम बिना रुके हमेशा काम करता रहता है.

जीपीएस कार्य कैसे करता है:-


जीपीएस प्रणाली मुख्यतः तीन भागों में बटी होती है जिसमे पहला और सबसे मुख्य भाग होता है अंतरिक्ष में स्थित भाग जिसे हम Space Segment कहते हैं यह छह कक्षीय चार विमानों का एक समूह होता है जिसका कार्य पृथ्वी पर मौजूद User Segment (उपयोगकर्ता सेगमेंट) को सिग्नल भेजना होता है.
इस प्रणाली का दूसरा भाग होता है Control Segment जोकी पृथ्वी पर स्थित होता है तथा इसका कार्य मुख्यतः उपग्रहों को बनाए रखने और निगरानी करने के लिए विकसित पृथ्वी पर स्थित स्टेशनों को सिग्नल भेजना होता है.




इस प्रणाली का तीसरा और अंतिम भाग होता है User Segment या फिर उपभोक्ता सेगमेंट इसका कार्य उन उपयोगकर्ताओं को सिग्नल भेजना होता है जो स्थिति और समय की गणना करने के लिए जीपीएस उपग्रहों से प्राप्त नेविगेशन संकेतों को संसाधित करते हैं.

जीपीएस के उपयोग:-


आज-कल हमारे दैनिक जीवन में जीपीएस का उपयोग बहुत ही आवश्यक व महत्वपूर्ण हो गया है. हम किसी अमुक स्थान या ब्यक्ति की सटीक लोकेशन (Location) जानने के लिए जीपीएस का उपयोग लगभग प्रतिदिन करते हैं पर क्या आपको पता है की इसका उपयोग अन्य बहुत सी चीजो में किया जाता है जो की बहुत महत्वपूर्ण और लाभदायक होता है:-

जीपीएस का हमारे दैनिक जीवन में उपयोग:-


हम सभी अपने दैनिक जीवन में स्मार्ट फ़ोन के माध्यम से जाने अनजाने  में जीपीएस का उपयोग अवश्य ही करते हैं जैसे किसी स्थान की लोकेशन जानने के लिए गूगल मैप्स का उपयोग करना. गूगल मैप्स जीपीएस पर आधारित एक बहुत ही उपयोगी तकनीक है जो कि आम जन-जीवन को बहुत ही सरल बना देती है. हम एक क्षण में एक ही स्थान पर बैठे-बैठे अपने गंतब्य की अपने स्थान से सटीक दूरी तथा रस्ते की सही-सही जानकारी प्राप्त कर लेते हैं. इस तकनीक के माध्यम से हम किसी वाहन में बैठे-बैठे  यह भी ज्ञात कर सकते  है की  हमारे वाहन की गति क्या है तथा हम जिस स्थान पर पहुँचने के लिए यात्रा कर रहे हैं उस स्थान तक हम उस वाहन की गति के अनुसार लगभग कितने समय में पहुच जायेंगे.

हम अपनी कार या किसी भी अन्य वाहन में इसका उपयोग करके अपने वाहन की सटीक स्थिति का पता लगा सकते हैं तथा हम अपने वाहन को चोरी होने से बचा सकते हैं. यह तकनीक हमें घर बैठे अपने वाहन की दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना भी दे देता है.

इसके अतिरिक्त जीपीएस का प्रयोग एयरलाइंस कंपनियां, टैक्सी, खुफिया एजेंसियां, सरकारी एजेंसियां , डिटेक्टिव, शिपिंग कंपनियां, ट्रक, बस इत्यादि सभी जगहों पर किया जाता है. जीपीएस के प्रयोग का मुख्य उद्देश्य सटीक रास्ते की जानकारी प्राप्त करना होता है.

तो मैं आशा करता हूँ की आप लोग जीपीएस के बारे में काफी कुछ जान गए होंगे यदि आपके पास भी है कोई ऐसी ही रोचक जानकारी तो उसे हमारे साथ साझा जरूर करें हमारा ईमेल पता है-
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